ARCHIVES
VOL. 8, ISSUE 1 (2026)
राजस्थान की बावड़ियाँ: स्थापत्य, जल-संरक्षण एवं सांस्कृतिक विरासत का ऐतिहासिक अध्ययन
Authors
नरेंद्र कुमार, यूसुफ अली
Abstract
राजस्थान, जो अपनी विषम जलवायु और मरुस्थलीय भूगोल के
लिए विश्व-प्रसिद्ध है, वहाँ जल की कमी सदैव एक गम्भीर चुनौती रही है। इस चुनौती के
समाधान के रूप में यहाँ के शासकों, व्यापारियों एवं सामान्यजन ने एक अद्वितीय जल-संरक्षण
परम्परा विकसित की, जिसका सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधित्व 'बावड़ियाँ' करती हैं। ये सीढ़ीदार
कुएँ केवल जल-स्रोत नहीं थे, अपितु स्थापत्य कला, धार्मिक आस्था और सामाजिक जीवन के
संगम-स्थल भी थे। प्रस्तुत शोध-लेख राजस्थान की बावड़ियों के ऐतिहासिक विकास, उनकी
स्थापत्य विशेषताओं, जल-संरक्षण में उनकी भूमिका तथा सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व का विश्लेषण
करता है। साथ ही, वर्तमान जल-संकट के परिप्रेक्ष्य में इनकी प्रासंगिकता एवं संरक्षण
की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।
Download
Pages:112-115
How to cite this article:
नरेंद्र कुमार, यूसुफ अली "राजस्थान की बावड़ियाँ: स्थापत्य, जल-संरक्षण एवं सांस्कृतिक विरासत का ऐतिहासिक अध्ययन". International Journal of Social Research and Development, Vol 8, Issue 1, 2026, Pages 112-115
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

